राजस्थान में सचिन पायलट ने की बगावत, संकट में अशोक गहलोत की सरकार, विधायकों को व्हिप जारी कर बुलाई बैठक !
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| फाइल फोटो - सचिन पायलट |
राजस्थान में सचिन पायलट ने की बगावत, संकट में अशोक गहलोत की सरकार, विधायकों को व्हिप जारी कर बुलाई बैठक !
राजस्थान में सियासी उठापटक अपने चरम में हैं। देर रात राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष अविनाश पांडे, राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरेजवाला और अजय माकन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पांडे ने कहा कि राजस्थान की गहलोत सरकार पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 109 विधायकों ने समर्थन पत्र सौंपा है।व्हिप जारी कर आज सुबह 10-11 बजे बुलाई गयी है मीटिंग !
राजस्थान की सियासत में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। प्रदेश के युवा नेता और उप-मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद प्रदेश सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अविनाश पांडे ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसी भी प्रकार की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आज सुबह 10 से 11 के बीच कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। इसके लिए कांग्रेस विधायकों को व्हिप जारी कर दिया है। पांडे ने साफ किया है कि अगर किसी विधायक ने व्हिप का उल्लंघन किया तो उस पर अनुशासात्मक कार्रवाई की जाएगी।बीजेपी पर खरीद फरोख्त का आरोप !
अविनाश पांडे ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जबकि पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है ऐसे में भाजपा प्रदेश सरकारों को अस्थिर करने में जुटी हुई है। पांडे ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि प्रदेश की सियासी हालात के पीछे भाजपा है। भाजपा ही खरीद फरोख्त कर गहलोत सरकार को अस्थिर करने में तुली हुई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से सवाल नहीं लिए गए और अपनी बात कह कर कॉन्फ्रेंस को समाप्त कर दिया गया।थर्ड फ्रंट के विकल्प पर काम कर रहे हैं पायलट - सूत्र
सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सचिन पायलट राज्य में थर्ड फ्रंट बनाने की कोशिश कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में सचिन पायलट के समर्थन में इतने विधायक नहीं हैं जो कि वे अशोक गहलोत की सरकार को गिरा दें। इसलिए वे थर्ड फ्रंट के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं।सूत्रों का कहना है कि अगर सचिन पायलट थर्ड फ्रंट के विकल्प को अपनाते हैं तो उन्हें कांग्रेस के 30 विधायकों का समर्थन मिल सकता है। वहीं बीजेपी में शामिल होने पर करीब 18 विधायक उनके साथ कांग्रेस से इस्तीफा देने को तैयार हैं। मौजूदा राजनीतिक हालात और राजनीति के नंबर गेम में 18 विधायकों के इस्तीफे से अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में आती हुई नहीं दिख रही है। इस वक्त राजस्थान में बीजेपी के 72 विधायक हैं, आरएलपी के 3 विधायक उन्हें समर्थन दे रहे हैं। इस तरह इस खेमे में 75 विधायक हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के खुद के 107 विधायक हैं और निर्दलीय व अन्य छोटी पार्टियों के समर्थन से वह बहुमत के नंबर 120 को आसानी से छू रही है। दोनों की तुलना करें तो 45 विधायकों का अंतर है। ऐसे में 18 विधायकों के इस्तीफे के बाद भी गहलोत सरकार बहुमत के नंबर के साथ बनी रह सकती है।
सूत्रों का कहना है कि रविवार रात को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से बुलाई गई विधायकों की बैठक में शामिल कई चेहरे भी थर्ड फ्रंट बनने के हालात में सचिन पायलट के साथ जा सकते हैं। हनुमान बेनीवाल भी इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।राजस्थान में कांग्रेस की मौजूदा सरकार संकट में है. शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वो उनकी सरकार गिराने में लगी हुई है !
उन्होंने कहा था कि एक तरफ़ वो कोरोना से लड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं तो दूसरी ओर बीजेपी ऐसे वक़्त में भी सरकार को अस्थिर करने में लगी हुई है. उन्होंने बीजेपी पर विधायकों की सौदेबाज़ी का आरोप लगाया था.
कथित ख़रीद-फ़रोख़्त को लेकर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG जांच में भी लगी हुई है. पुलिस के एसओजी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी को पूछताछ के लिए बुलाया भी था. लेकिन अब राजस्थान की कांग्रेस सरकार अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट हो गई है. जैसे कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ बनाम ज्योतिरादित्य सिंधिया हो गई थी और वहां की सरकार से कांग्रेस को हाथ धोना पड़ा था !
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सचिन पायलट सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे. सचिन ने कहा है कि उनके साथ कांग्रेस के 30 विधायक हैं और अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है. सचिन पायलट अभी दिल्ली में हैं और राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होने जा रही है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर सकती है. कांग्रेस का कहना है कि अशोक गहलोत के साथ 109 विधायकों का समर्थन है !

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