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UP - विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद कानपुर पुलिस ने जारी की प्रेस रिलीज़।

<img> Kanpur Police released press release after Vikas Dubey encounter

विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया, वही विकास दुबे जिसे पकड़ने पहुंची पुलिस की टीम पर हमला हुआ था और 8 पुलिसवाले शहीद हो गए थे. घटना के 6 दिन बाद विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से पकड़ा गया अगले दिन यानी 10 जुलाई को वो एनकाउंटर में मारा गया।

इस एनकाउंटर पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं. इस बीच कानपुर पुलिस की मीडिया सेल ने प्रेस रिलीज़ जारी कर एनकाउंटर की पूरी जानकारी दी है. प्रेस रिलीज़ में लिखा  है,

"5 लाख रुपये इनाम के वांछित अभियुक्त विकास दुबे को उज्जैन, मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस और एसटीएफ टीम द्वारा कानपुर लाया जा रहा था. कानपुर नगर भौंती के पास पुलिस का वाहन दुर्घटना ग्रस्त होकर पलट गया. इससे गाड़ी में बैठे अभियुक्त और पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसी दौरान अभियुक्त विकास दुबे ने घायल पुलिस कर्मी की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की. पुलिस टीम द्वारा पीछा कर उसे घेर कर आत्मसमर्पण करने को कहा गया लेकिन वह नहीं माना. वह पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर करने लगा. आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की. इसमें विकास दुबे घायल हो गया. इसके बाद उसे इलाज़ के लिए तत्काल हॉस्पिटल ले जाया गया जहां इलाज़ के दौरान उसकी मौत हो गई है"
 

क्या है पूरा मामला क्या है?

2-3 जुलाई की दरमियानी रात कानपुर के बिकरू गांव में पुलिस दल पर हमला हुआ. पुलिस विकास दुबे के घर छापा मारने पहुंची थी. इस हमले में आठ पुलिसवाले शहीद हुए. घटना के बाद विकास दुबे फरार हो गया. जांच बिठाई गई. उसकी तलाश के लिए पुलिस की 50 टीमें तैयार की गईं. उस पर इनाम लगाया गया. पहला इनाम 50 हजार का रखा, जिसे बढ़ाकर एक लाख, फिर ढाई लाख और आखिर में पांच लाख किया गया. 7 जुलाई को विकास के करीबी अमर दुबे का एनकाउंटर हुआ. वहीं, 9 जुलाई की सुबह खबर आई कि उसके दो और करीबी प्रभात मिश्र और बबुआ भी अलग-अलग जगह पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हैं. 9 जुलाई को ही विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर में दिखा. मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे पकड़कर यूपी एसटीएफ के हवाले किया था।




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