UP - हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में लगी हैं 60 टीमें, लगातार दे रही है दबिश, दबिश के समय थाने से फोन कर कटवाई गई थी गांव की बिजली !
एक तरफ गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए यूपी पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ, उसके उस मकान को जमींदोज कर दिया गया है जहां मुठभेड़ हुई थी. शनिवार दोपहर कानपुर प्रशासन ने विकास दुबे के बिठुर स्थित आवास को गिराने का फैसला लिया, जिसके बाद उसी की जेसीबी मशीन से पूरा घर ढहा दिया गया. अब विकास दुबे की सारी प्रॉपर्टी को अटैच करने की तैयारी चल रही है. उसके सारे बैंक अकाउंट्स सीज किए जा रहे हैं. प्रशासन विकास दुबे की सारी प्रॉपर्टी की जांच कर रहा है !
चौबेपुर एसओ की भूमिका संदिग्ध, निलंबित !
एनकाउंटर वाले दिन के पूरे घटनाक्रम में चौबेपुर एसओ विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा मुखबिरी करने के मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है, जिससे यह जाना जा सके कि दुबे को पुलिस छापेमारी की खबर कैसे मिली? जिससे कि उसने योजनाबद्ध तैयारी के साथ पुलिस दल पर हमला बोला. पुलिस सूत्रों ने बताया कि सर्विलांस टीम लगभग 500 मोबाइल फोन पर नजर बनाए हुए है ताकि विकास दुबे के बारे में सुराग मिल सके. इसके अलावा यूपी एसटीएफ की टीमें भी अपने काम में लगी हैं. आईजी ने विकास दुबे के बारे में सही जानकारी देने वाले को पचास हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. साथ ही जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखने की बात भी कही है !
थाने से फोन कर कटवाई गई थी गांव की बिजली !
चौबेपुर थाने (Chuabeypur) के विकरू गांव में एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की शहादत (Kanpur Shootout) की जांच में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं. एसटीएफ (STF) की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि 3 जुलाई की रात जब पुलिसकर्मी गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) की गिरफ्तारी के लिए उसके घर जा रहे थे, इसी बीच किसी ने चौबेपुर थाने से फोन कर गांव की लाइट काटने को कहा था. हालांकि एसटीएफ अभी उस पुलिसकर्मी के नाम का तो खुलासा नहीं कर रही है, लेकिन सूत्रों की मानें तो नाम बदलकर फोन किया गया था !
मामले की तफ्तीश में जुटी एसटीएफ को पता चला कि जब पुलिसवालों पर गोलियां चलाई गई, उस वक्त गांव में बिजली नहीं थी. जब शिवली पॉवरहाउस के एक जेई और लाइन मैन को एसटीएफ ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि थाने से फोन आया था. फ़ोन करने वाला खुद को पुलिसकर्मी बता रहा था और कहा था कि गांव में बड़ा कांड हो गया है बिजली काट दो. इसके बाद प्राइवेट लाइनमैन मोनू ने बिजली काट दी थी. एसटीएफ ने वह नंबर भी ले लिया है. जांच में यह नंबर चौबेपुर थाने का निकला है !
On 3rd July, I had received a call from Chaubeypur Power Station to cut power in Bikaru village (site of Kanpur encounter) as a power line was damaged there: Chhatrapal Singh, Operator, Shivli Power Sub-station, Kanpur pic.twitter.com/emxKrKxzFw
— ANI UP (@ANINewsUP) July 5, 2020
मामले की तफ्तीश में जुटी एसटीएफ को पता चला कि जब पुलिसवालों पर गोलियां चलाई गई, उस वक्त गांव में बिजली नहीं थी. जब शिवली पॉवरहाउस के एक जेई और लाइन मैन को एसटीएफ ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि थाने से फोन आया था. फ़ोन करने वाला खुद को पुलिसकर्मी बता रहा था और कहा था कि गांव में बड़ा कांड हो गया है बिजली काट दो. इसके बाद प्राइवेट लाइनमैन मोनू ने बिजली काट दी थी. एसटीएफ ने वह नंबर भी ले लिया है. जांच में यह नंबर चौबेपुर थाने का निकला है !
एके-47 से किया गया फायर !
उधर मौका-ए-वारदात से फॉरेंसिक टीम ने सबूत इकट्ठा कर लिए हैं. इसमें खुलासा हुआ है कि चौबेपुर थाने के बिकरु गांव में बदमाशों ने ऑटोमैटिक राइफलों से पुलिस पर फायरिंग की. फोरेंसिक टीम के जांच अधिकारी ने खुलासा किया है कि राइफलों से ज्यादा गोलियां पुलिस पार्टी पर चलाई गई हैं. बता दें घटना के फौरन बाद ही न्यूज 18 ने इस बात की तरफ इशारा किया था और एके-47 के इस्तेमाल की बात सामने लाई थी. मामले में डीजीपी एचसी अवस्थी ने कहा था कि सॉफिस्टिकेटेड वेपन से फायर करने की जानकारी मिली है, हालांकि फॉरेंसिक जांच के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है !

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