दिल्ली दंगे को भडकाने में राजनीतिक नेताओं की भूमिका का कोई सबूत नहीं - दिल्ली पुलिस !
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| सांकेतिक चित्र |
दिल्ली दंगे को भडकाने में राजनीतिक नेताओं की भूमिका का कोई सबूत नहीं - दिल्ली पुलिस !
सोमवार को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ के सामने यह हलफनामा दिया गया. इस पर आगे सुनवाई 21 जुलाई को होगी !
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Plice) ने सोमवार को उच्च न्यायालय (High Court) से कहा कि उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों की जांच में अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता चलता हो कि राजनीतिक नेताओं ने हिंसा को उकसाया या उसमें हिस्सा लिया. इस हिंसा में कम से कम 53 लोगों की जान चली गयी थी !
उच्च न्यायालय (High Court) में पुलिस का बयान उन याचिकाओं के जवाब में आया है जिनमें आरोप लगाये गये थे कि कपिल मिश्रा (Kapil Mishra), अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur), प्रवेश वर्मा (Pravesh Verma) और अभय वर्मा (Abhay Verma) समेत भाजपा (BJP) नेताओं ने नफरत भरे भाषण दिये थे जिससे हिंसा भड़की !
एक अन्य अर्जी में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi), सोनिया गांधी (Soniya Gandhi) और प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) समेत कांग्रेस (Congress) नेताओं तथा मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia), अमानतुल्ला खान (Amanatulla Khan) जैसे आप नेताओं तथा एआईएमआईएम (AIMIM) विधायक वारिस पठान (Waris Pathan) ने भी घृणा भरे भाषण दिये थे !
इन अर्जियों पर जवाब में पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगे से जुड़े उपरोक्त सभी मामलों में अब तक की जांच में ऐसा कोई कार्रवाई योग्य सबूत सामने नहीं आया है जो रिट याचिकाओं में उल्लेखित व्यक्तियों की दंगा भड़काने या उसमें हिस्सा लेने में उनकी भूमिका का संकेत करता है.’
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ के सामने यह हलफनामा दिया गया. इस पर आगे सुनवाई 21 जुलाई को होगी !
उच्च न्यायालय (High Court) में पुलिस का बयान उन याचिकाओं के जवाब में आया है जिनमें आरोप लगाये गये थे कि कपिल मिश्रा (Kapil Mishra), अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur), प्रवेश वर्मा (Pravesh Verma) और अभय वर्मा (Abhay Verma) समेत भाजपा (BJP) नेताओं ने नफरत भरे भाषण दिये थे जिससे हिंसा भड़की !
एक अन्य अर्जी में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi), सोनिया गांधी (Soniya Gandhi) और प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) समेत कांग्रेस (Congress) नेताओं तथा मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia), अमानतुल्ला खान (Amanatulla Khan) जैसे आप नेताओं तथा एआईएमआईएम (AIMIM) विधायक वारिस पठान (Waris Pathan) ने भी घृणा भरे भाषण दिये थे !
इन अर्जियों पर जवाब में पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगे से जुड़े उपरोक्त सभी मामलों में अब तक की जांच में ऐसा कोई कार्रवाई योग्य सबूत सामने नहीं आया है जो रिट याचिकाओं में उल्लेखित व्यक्तियों की दंगा भड़काने या उसमें हिस्सा लेने में उनकी भूमिका का संकेत करता है.’
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ के सामने यह हलफनामा दिया गया. इस पर आगे सुनवाई 21 जुलाई को होगी !

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