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भारत-चीन तनाव - अंडमान निकोबार के पास पहुंचा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर 90 फाइटर जेट, 3000 नौसैनिक भी हैं साथ !

India-China tension - American aircraft carrier 90 fighter jet, 3000 naval ships are also with Andaman and Nicobar


भारत-चीन तनाव - अंडमान निकोबार के पास पहुंचा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर 90 फाइटर जेट, 3000 नौसैनिक भी हैं साथ !

वॉशिंगटन - चीन के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिका ने साउथ चाइना सी से लेकर हिंद महासागर तक अपनी गश्त बढ़ा दी है। चीन के नजदीक साउथ चाइना सी में युद्धाभ्यास खत्म करने के बाद अमेरिकी नेवी के सातवें बेड़े में शामिल एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्ज अब अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के पास पहुंच गया है। इस क्षेत्र में भारतीय नौसेना पहले से ही युद्धाभ्यास कर रही है।

एशिया में अमेरिका के तीन एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात !

हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका ने अपने तीन एयरक्राफ्ट कैरियर्स को इस इलाके में तैनात किया है। वर्तमान में इनमें से एक यूएसएस रोनाल्ड रीगन साउथ चाइना सी में जबकि यूएएसएस थियोडोर रुजवेल्ट फिलीपीन सागर के आस पास गश्त लगा रहा है। वहीं अमेरिका के आक्रामक गतिविधियों से बौखलाया चीन बार-बार युद्ध की धमकी दे रहा है।

कितना शक्तिशाली है यूएसएस निमित्ज !

अमेरिका के सुपरकैरियर्स में यूएसएस निमित्ज को बहुत ताकतवर माना जाता है। परमाणु शक्ति से चलने वाले इस एयरक्राफ्ट कैरियर को अमेरिकी नौसेना में 3 मई 1975 को कमीशन किया गया था। यह कैरियर स्टाइक ग्रुप 11 का अंग जो अकेले अपने दम पर कई देशों को बर्बाद करने की ताकत रखता है। 332 मीटर लंबे इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर 90 लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर्स के अलावा 3000 के आसपास नौसैनिक तैनात होते हैं।

India-China tension - American aircraft carrier 90 fighter jet, 3000 naval ships are also with Andaman and Nicobar

कभी भारत के खिलाफ जंग को पहुंचा था अमेरिका का 7वां बेड़ा !

एयरक्राफ्ट कैरियर यूएएस निमित्स अमेरिका के सातवें बेड़े में शामिल है। यह बेड़ा 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध (बांग्लादेश मुक्ति संग्राम) के दौरान बंगाल की खाड़ी के नजदीक पहुंच गया था। इसका मकसद बांग्लादेश में (तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान) मात खा रहे पाकिस्तानी सेना का सहायता करना था। लेकिन उस समय भारत के साथ रूस मजबूती के साथ खड़ा हो गया। जिसके कारण अमेरिका का सातवां बेड़ा वापस लौट गया।

हिंद महासागर में चीन को घेरने से ये फायदा !

भारत के साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया हिंद महासागर में चीन को घेरने के लिए तैयार बैठे हैं। अगर अब ड्रैगन ने कोई भी हिमाकत की तो उसका अंजाम उसे भुगतना पड़ेगा। चीन के व्यापार का बड़ा हिस्सा हिंद महासागर के जरिए ही खाड़ी और अफ्रीकी देशों में जाता है। जबकि, चीन अपने ऊर्जा जरुरतों का बड़ा आयात इसी रास्ते करता है। अगर भारतीय नौसेना ने इस रूट को ब्लाक कर दिया तो चीन को तेल समेत कई चीजों के लिए किल्लत झेलनी होगी। अभी चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर भी पूरा नहीं हुआ है ऐसे में चीन इस रास्ते भी कोई आयात-निर्यात नहीं कर सकता।

अंडमान में भारत भी कर रहा युद्धाभ्यास !

चीन से जारी तनाव के बीच भारत भी अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के पास युद्धाभ्यास कर रहा है। इसमें विध्वंसक युद्धपोट, पेट्रोल एयरक्राफ्ट और पनडुब्बी शामिल हैं। इनके अलावा सबमरीन ढूंढनेवाला एयरक्राफ्ट Poseidon-8I, जिसमें घातक हारपून ब्लॉक मिसाइल लगी हैं, MK-54 लाइटवेट टोरपीडोज आदि भी इस ड्रिल का हिस्सा हैं। इससे पहले मल्लका में ही भारत और जापान ने भी पिछले ही महीने ड्रिल की थी। लेकिन वह सीमित स्तर की थी।

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