भगवान जगन्नाथ के देव स्नान पर सोशल डिस्टेनसिंग की उड़ाई गयी धज्जियाँ: इन पर भी कार्यवाही होनी चाहिए या नही?
ANI की न्यूज के अनुसार, शुक्रवार को पुरी के जगन्नाथ मंदिर में बहुत सारे पुजारी स्नान पूर्णिमा के मौके पर देव स्नान की रस्मों के लिए इकट्ठा हुए. कई सेवादारों को दैव प्रतिमाओं के आसपास भीड़ लगाते देखा गया. पुरी के जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार इस त्योहार के मौके पर भक्तों को यहां आने की मनाही है !
#WATCH Snana Poornima festival of Lord Jagannath, Lord Balabhadra & Devi Subhadra being held at Shree Jagannath Temple of Puri today. DM Puri says, no devotees have been allowed at the festival. pic.twitter.com/0f5vCk4QTC
— ANI (@ANI) June 5, 2020
कुछ सेवादारों ने प्रतिमाओं को तड़के एक बज कर 40 मिनट पर मुख्य मंदिर से बाहर निकाला. भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा, भगवान जगन्नाथ और भगवान सुदर्शन को मंदिर परिसर में 'स्नान वेदी' पर बैठाया गया और उन्हें मंत्रोच्चार के साथ 108 घड़ों के सुगंधित जल से स्नान कराया गया. दैव प्रतिमाओं को स्नान कराने के लिए जिस कुएं से जल निकाला गया उसे गरबदु सेवादार 'सोना कुआं' (स्वर्ण कुआं) कहते हैं. भगवान बलभद्र को 33 घड़ों के जल से स्नान कराया गया, भगवान जगन्नाथ को 35 घड़ों के जल से स्नान कराया गया, देवी सुभद्रा को 22 घड़ों के जल से और भगवान सुदर्शन को 18 घड़ों के जल से स्नान कराया गया. इस बार 'हरि बोल' का उद्घोष करने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ मौजूद नहीं थी !
इससे पहले पुरी के जिला कलक्टर बलवंत सिंह ने बताया था कि जिले मे गुरुवार को रात दस बजे से लेकर शनिवार दोपहर दो बजे तक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू रहेगी. श्रद्धालुओं के लिए टेलीविजन पर भी इस धार्मिक आयोजन का सीधा प्रसारण किया गया !
नियम के अनुसार 8 जून से धार्मिक स्थल खुलेंगे.उससे पहले यह नियम का उल्लंघन है .इन पर भी कार्यवाही होगी या नहीँ? ये तो समय ही बता पाएगा।

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