उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था के साथ ये कैसा मजाक ?
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| प्रतिकात्मक फोटो |
मैनपुरी की अनामिका शुक्ला एक साथ 25 स्कूलों में कराती थी अध्यापन, शिक्षकों के डाटाबेस तैयार करने पर शिक्षा विभाग को मिली जानकारी!
उत्तर प्रदेश - हम जब भी व्यवस्थाओं में सुधार की बात करते हैं तो शैक्षणिक सुधार की बातें जोरों से की जाती है। मानव समाज मे शिक्षा का एक अपना अलग ही महत्व है। वर्तमान परिदृश्य में शिक्षा के बिना जीवन संकल्पना का विचार हास्यास्पद मालूम पड़ता है। विगत दस वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा की लहर तेजी से जोर पकड़ने लगी है।
परन्तु क्या सरकारें गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने में समर्थ हैं? वर्तमान वस्तुस्थिति के दृष्टिगत ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा। क्या शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम है? ये ऐसे जीवंत सवाल हैं जिनका उत्तर शायद सरकार के पास भी नही। जी हाँ, उत्तर प्रदेश की मैनपुरी की अनामिका शुक्ला आजकल काफी सुर्खियां बटोर रही हैं।कस्तूरबा गाँधी विद्यालय की अध्यापिका अनामिका शुक्ला ने पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा रखा है।
गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश के हर जिले के हर ब्लॉक में एक कस्तूरबा गांधी विद्यालय है। यूपी की योगी सरकार में एक शिक्षिका एक साथ 25 स्कूलों में पढ़ा रही थी। यही नही उसको वेतन के रूप में 1 करोड़ का भुगतान भी किया जा चुका था।
यह घोटाला तब पकड़ में आया जब सभी शिक्षकों का डाटाबेस तैयार किया जा रहा था। पाठकों को यहाँ बताना आवश्यक है कि डाटाबेस में शिक्षकों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड, जुड़ने और पदोन्नति की तारीख शामिल होती है। विचारणीय बात ये है कि आखिर एक साथ एक व्यक्ति 25 जगह कैसे ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा सकता है। इन सभी पच्चीस स्कूलों में ये महिला लगभग एक साल से रोल पर थी।
दूसरी जो सोचने वाली बात है वो ये है कि क्या वेतन का भुगतान एक ही बैंक एकाउंट में किया गया या अलग -अलग खातों में। ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका उत्तर जांचोपरांत ही पता चल सकेगा। बहरहाल शिक्षिका फरार चल रही है। इस सम्बंध में एक जाँच बिठाई गयी है। ये जाँच के बाद ही पता चल पाएगा कि कितने लोगों की मिलीभगत है। अभी तक शिक्षिका का कोई पता नहीं चल पाया है।

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