प्रवासी मजदूरों का मुद्दा : CM योगी आदित्यनाथ ने प्रियंका गांधी के 1 हजार बसें चलाने का प्रस्ताव स्वीकारा, मांगी ड्राइवरों की डिटेल।
प्रवासी मजदूरों का मुद्दा : CM योगी आदित्यनाथ ने प्रियंका गांधी के 1 हजार बसें चलाने का प्रस्ताव स्वीकारा, मांगी ड्राइवरों की डिटेल।
योगी जी अभी तक झूठ से काम चला रहे थे। कह रहे थे कि हमने तीन दिन से सूची मांगी है बसों की। खैर हम तो बस लेकर खड़े थे। यूपी की जनता का धन्यवाद कि आपने दबाव बनाकर इस सेवा कार्य में अड़चन डालने वाले सीएम को सही फैसला लेने पर मजबूर किया।
— UP Congress (@INCUttarPradesh) May 18, 2020
श्रमिक भाई - बहनों को राहत मिलनी जरूरी थी। pic.twitter.com/V1ktz0vPFq
पत्र 18 मई को लिखा। लेकिन ट्वीट में पहले लिख दिया कि बसों की सूची नहीं दी। ये कोई तो है मुख्यमंत्री कार्यालय में जो मुख्यमंत्री जी की फजीहत करा रहा है।
— UP Congress (@INCUttarPradesh) May 18, 2020
या तो वो ये दिखाना चाहता है कि सीएम कार्यालय केवल ट्विटर पर एक्टिव है। जमीन से उसका कोई जुड़ाव नहीं है। https://t.co/CuFn3Z9jLT pic.twitter.com/H9JBilLAIb
ट्वीटर पर एक दूसरे उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस से चार सवाल पूछे थे. इसके बाद से कांग्रेस और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया. प्रियंका गांधी के 1 हजार बसों के चलाने का प्रस्ताव भी स्वीकार करना भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है सीएम योगी की ओर से जो सवाल पूछे गए थे. वह कुछ ऐसे हैं:
- जब आपके पास 1000 बसें थीं, तो राजस्थान और महाराष्ट्र से ट्रकों में भरकर हमारे साथियों को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व बंगाल क्यों भेज रहे हैं?
- औरैया में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना से पूरा देश आहत है. एक ट्रक पंजाब से और दूसरा राजस्थान से आ रहा था. क्या कांग्रेस और प्रियंका गांधी जी इस दुर्घटना की जिम्मेदारी लेंगी ? हमारे साथियों से माफी मांगेंगी?
- देशभर में जितनी भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चल रही है उनमें से आधी से ज्यादा ट्रेनें उत्तर प्रदेश ही आईं है. अगर प्रियंका वाड्रा जी को हमारी इतनी ही चिंता है तो वो हमारे बाकी साथियों को भी ट्रेनों से ही सुरक्षित भेजने का इंतजाम कांग्रेस शासित राज्यों से क्यों नहीं करा रहीं?
- प्रियंका गांधी जी कहती हैं कि उनके पास 1000 बसें हैं. यह और बात है कि अब तक इन बसों की सूची तक उपलब्ध नहीं कराई गई, न ही हमारे साथियों की. बसों और हमारे साथियों की सूची उपलब्ध करा दी जाए, जिससे उनके कार्य ट्विटर नहीं धरातल पर दिखें.
वहीं उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ काबीना मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर प्रवासी कामगारों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह ओछी सियासत कर रही हैं. सिंह ने रविवार को यहां एक बयान में कहा "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है. प्रियंका उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसें भेजने की बात कर रही हैं. इससे जाहिर होता है कि उन्हें वस्तुस्थिति की जानकारी ही नहीं है और वह केवल ओछी राजनीति कर रही हैं!

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