संजीव गुप्ता ने कहा है कि विराट कोहली एक ही समय पर दो पदों पर काबिज़ हैं जो कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित बीसीसीआई के नियम 38(4) का उल्लंघन है और उन्हें अपने एक पद को त्यागना होगा !
कोहली पर हितों के टकराव मामले को लेकर भारतीय कप्तान विराट कोहली की शिकायत की गई है। संजीव गुप्ता ने बीसीसीआई के एथिक्स अधिकारी डीके जैन को पत्र लिखकर कहा है कि कोहली लोढ़ा समिति की सिफारिशों का उल्लंघन कर रहे हैं। विराट कोहली स्पोटर्स कंपनी एलएलबी के दो निदेशक-मालिक में से एक हैं। साथ ही कॉर्नरस्टोन वेंचर पार्टनर एलएलपी का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें तीन निदेशक-मालिक हैं और इनके नाम विराट कोहली, अमित अरुण सजदेह और बिनॉय भरत खिमजी है।
BCCI ने कहा यह ब्लैकमेलर्स की हरकत !
कप्तान कोहली की शिकायत भारतीय क्रिकेट बोर्ड को रास नहीं आया। बोर्ड के एक अधिकारी ने पूरे घटनाक्रम को साजिश का हिस्सा करार दे डाला तो विराट कोहली के करीबी सूत्रों ने इसे दुखद बताया। अधिकारी ने कहा, 'एक बार आप जब शिकायतों को देखेंगे तो पता चल जाएगा कि बीते कुछ साल से आ रहे सभी मामलों का एक ही पैटर्न एक है। किसी न किसी अधिकारी या पूर्व-वर्तमान खिलाड़ी को घेरने की कोशिश की जा रही है। ई-मेल और उसकी भाषा से ही समझ आता है कि यह सिर्फ लोगों पर दाग लगाने के लिए किया जा रहा।
हर कोई पैसा कमाना चाहता है !
भारतीय टीम के कप्तान के करीबी सूत्रों ने कहा कि हमारे क्रिकेटर्स की भी निजी जिंदगी है। हर कोई पैसा कमाना चाहता है और इसके लिए स्वतंत्र है। इस तरह की शिकायतों से खिलाड़ियों के दिमाग पर निश्चित तौर पर असर पड़ेगा, जो उनके खेल के लिए ठीक नहीं, जिन्होंने देश के लिए काफी कुछ किया है आप क्या उन्हें ब्लैकमेल करना चाहते हैं या फिर ऐसी हरकतों का मकसद सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट है।
कौन हैं शिकायतकर्ता संजीव गुप्ता !
मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता को बचपन से क्रिकेट में दिलचस्पी थी। ऑफ स्पिन गेंदबाजी किया करते थे, एक बार यूनिवर्सिटी की टीम से भी खेलना का मौका मिला, लेकिन ज्यादा आगे तक नहीं जा पाए। बीसीसीआई के संविधानों की गहरी जानकारी रखने वाले गुप्ता मीडिया की चकाचौंध से दूर रहते हैं। अबतक वह सीओए को करीब लगभग 500 ईमेल भेज चुके हैं। मीडिया से बात करने में संकोच करने वाले 46 वर्षीय संजीव गुप्ता कानून के अच्छे जानकार हैं। क्रिकेटर्स की हर शिकायत वह तथ्यों और नियमों के आधार पर ही करते हैं। संजय सबसे पहले उस वक्त चर्चा में आए जब, जब बीसीसीआई के लोकपाल अधिकारी जस्टिस डीके जैन ने उनकी शिकायत के आधार पर सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण के खिलाफ सुनवाई की।
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