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पीएम मोदी का देश के नाम संबोधन, प्रधानमंत्री ने की 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा ।

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पीएम मोदी का देश के नाम संबोधन

हमें बचना भी है आगे बढ़ना भी है, लेकिन जिसका मार्ग एक ही है आत्मनिर्भर भारत, हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है ऐसा कौन था यानी यही रास्ता है आत्मनिर्भर भारत का साथियों एक राष्ट्र के रूप में आज हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े है, इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है एक संदेश लेकर आई है एक अवसर लेकर आई है, उदाहरण के साथ अपनी बात बताने का प्रयास करता कोरोना संकट शुरू हुआ तब भारत में एक भी PPE किट नहीं बनती थी N95 मास्क का भारत में नाम मात्र उत्पादन होता है आज स्थिति यह है कि भारत में ही हर रोज 200000 किट और 200000 मास्क बनाए जा रहे हैं यह हम इसलिए कर पाए क्योंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया आपदा को अवसर में बदलने की भारत की दृष्टि आत्मनिर्भर भारत के हमारे संघ के लिए उतनी ही प्रभावी सिद्ध होने वाली है साथियों आज विश्व में निर्भर के मायने पूरी तरह बदल गए ग्लोबल निर्भरता की डेफिनेशन विकेंद्रीकरण की चर्चा जोरों पर है विश्व के सामने भारत का मूलभूत चिंतन आशा की किरण नजर आता है भारत की संस्कृति भारत के संस्कार आत्मनिर्भरता की बात करते हैं, जिसकी आत्मा वसुधैव कुटुंबकम एक परिवार भारत जब आत्मनिर्भरता की बात करता है तो आत्म केंद्रित व्यवस्था की वकालत नहीं करता, भारत की आत्मनिर्भरता में संसार के सुख सहयोग और शांति की चिंता होती है जो संस्कृति जय जगत में विश्वास रखती हो जो जीव मात्र का कल्याण चाहती हो जो पूरे विश्व को परिवार मानती हो आस्था में माता भूमि रखती हो जो पृथ्वी को मां मानते हो, वह संस्कृति वह भारत भूमि जब आत्मनिर्भर बनती है मुझसे एक सुखी समृद्ध की संभावना भी सुनिश्चित होती है जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही दुनिया में आज भारत की दवाइयां एक नई आशा लेकर पहुंचती है, इन कदमों से दुनिया भर में भारत की भूरी भूरी प्रशंसा होती है तो स्वाभाविक है हर भारतीय दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है सवाल यह है इस सवाल का भी उत्तर है 130 करोड़ देशवासियों का आत्मनिर्भर भारत का संकल्प साथियों हमारा सदियों का गौरवपूर्ण इतिहास रहा भारत समृद्ध सोने की चिड़िया कहा जाता था वक्त बदल गया गुलामी की जंजीरों में विकास के लिए तरसते रहे विकास की ओर सफलतापूर्वक तब भी विश्वकल्याण की राह पर याद करिए शताब्दी की शुरुआत y2k संकट आया था भारत ने दुनिया को संकट से निकाला था आज हमारे पास साधन है हमारे पास सामर्थ है हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन टैलेंट है हम बेस्ट बनाएंगे क्वालिटी और बेहतर सप्लाई चैन को और आधुनिक बनाएंगे और यही हम भारतीयों की संकल्प शक्ति है हम थाम ले तो कोई राह असंभव नहीं कोई राह मुश्किल नहीं और आज तो चाह भी है राह भी है यह है भारत को आत्मनिर्भर बनाना भारत की संकल्प शक्ति ऐसी है कि भारत आत्मनिर्भर बन सकता है, साथियों आत्मनिर्भर भारत की भव्य इमारत पांच पिलर पर खड़ी होगी देश में डिमांड बढ़ाने के लिए डिमांड को पूरा करने के लिए हमारी सप्लाई चैन के और स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है, हमारी सप्लाई चैन हमारी आपूर्ति की उस व्यवस्था को हम मजबूत करेंगे जिसमें मेरे देश की मिट्टी की महक हो हमारे मजदूरों के पसीने की खुशबू हो,

 साथियों कोरोना संकट का सामना करते हुए नए संकल्प के साथ मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा, साथियों हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणा की थी जो रिजर्व बैंक के फैसले थे और आज जिस आर्थिक पैकेज का ऐलान हो रहा है उसे जोड़ दें तो यह करीब करीब 2000000 करोड रुपए का है ₹200000000 का है भारत की जीडीपी का करीब 10% है इन सब के जरिए देश के विभिन्न वर्गों को आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को 2000000 करोड़ रुपए का संबल मिलेगा सपोर्ट मिलेगा ₹200000000 2020 में देश की विकास यात्रा को आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए इस पैकेज में लेबर लिक्विडीटी और सभी पर बल दिया गया आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु उद्योग, मंझोले उद्योग हमारे एमएसएमई के लिए हैं जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है, यह आर्थिक पैकेज देश के लिए हैं देश के उत्थान के लिए हैं, जो हर स्थिति हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परीक्षण कर रहा है, आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए हैं जो इमानदारी से टैक्स देता है देश के विकास में अपना योगदान देता है आर्थिक पैकेज भारतीय उद्योग जगत के लिए हैं,

 जो भारत के आर्थिक सामर्थ्य को बुलंदी देने के लिए संकल्प कल से शुरू करके आने वाले कुछ दिनों तक वित्त मंत्री जी द्वारा आप को आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित इस आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी दी जाएगी साथियों आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए, वरना कौन सोच सकता था कि भारत सरकार जो पैसे भेजे कि वह पूरा का पूरा गरीब की जेब में किसान की जेब में पहुंच पाएगा लेकिन वह वह भी तब हुआ जब तमाम सरकारी दफ्तर बंद थे ट्रांसपोर्ट के साधन बंद थे जन धन आधार मोबाइल जे ए एम  की त्रिशक्ति से जुड़ा था जिसका आंसर हमने अभी देखा।

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